Larry Page और Sergey Brin ने 1996 में Stanford University में अपने शुरुआती search-engine research project को BackRub नाम दिया था। बाद में इसी शोध से विकसित खोज-सेवा और कंपनी का नाम Google बना, इसलिए दोनों नामों का संदर्भ अलग है। वेब खोज का शुरुआती दौर आज की तरह तेज और व्यवस्थित नहीं था; शोधकर्ताओं को यह समझने के नए तरीके तलाशने थे कि कौन-सा पेज उपयोगी है।
BackRub नाम का संबंध उन links के विश्लेषण से था जो दूसरे web pages से किसी page की ओर आते हैं। ऐसे links को backlinks कहते हैं। शोधकर्ताओं ने इन links को पेजों की अहमियत समझने के संकेत के रूप में देखा, न कि केवल वेब पर मौजूद एक और रास्ते के रूप में। यही शुरुआती विचार आगे खोज को बेहतर बनाने के काम आया।
इसलिए जब आप “असली नाम” सुनते हैं, तो सवाल का मतलब साफ करना जरूरी है: क्या बात शुरुआती Stanford research project की है या बाद में बने brand की? यहाँ दोनों के बीच का फर्क सीधे और सही संदर्भ में समझाया गया है। BackRub शोध परियोजना का नाम था, जबकि Google बाद में कंपनी और search product का नाम बना। इस फर्क से साफ होगा कि सवाल शुरुआती शोध परियोजना के नाम का है, न कि सिर्फ बाद में बने brand की spelling का।
Google का असली नाम BackRub था या कुछ और?
इन पड़ावों को अलग-अलग देखने से शोध, उपलब्ध वेबसाइट और कंपनी बनने की प्रक्रिया साफ समझ आती है। नीचे की timeline में हर तारीख के सामने वही घटना दी गई है जिससे वह जुड़ी थी।
BackRub और backlinks का संबंध
BackRub के पीछे अहम विचार web pages की ओर आने वाले backlinks को देखना था। PageRank algorithm ने इस विचार को आगे बढ़ाकर किसी page की अहमियत का अनुमान उन pages की अहमियत से लगाया जो उससे link करते थे। यानी हर backlink का असर बराबर नहीं था: अहम pages से آنے वाले links ranking के अनुमान में अधिक महत्व रखते थे।
Larry Page और Sergey Brin ने PageRank के लिए PageRank algorithm का तरीका विकसित किया। उन्होंने इसके लिए U.S. Patent 6,285,999 हासिल किया, और patent Stanford University को assigned था। इस patent में Larry Page और Sergey Brin inventors थे।
Stanford से Google की शुरुआती timeline
तारीखों में फर्क खास तौर पर domain और company के मामले में दिखता है। वेबसाइट पर चलने वाला शुरुआती version, Google.com का पंजीकरण और कंपनी का incorporation, तीन अलग पड़ाव थे।
| तारीख | पड़ाव | क्या हुआ |
| 1996 | BackRub research project | Stanford में शुरुआती शोध परियोजना |
| 1996 | पहला Google version | Stanford की वेबसाइट पर जारी हुआ |
| 15 सितंबर 1997 | Google.com | डोमेन registered हुआ |
| 4 सितंबर 1998 | Google कंपनी | Menlo Park, California के garage में incorporate हुई |
Menlo Park का garage कंपनी के incorporation का स्थान था, domain registration का नहीं। तारीखें लिखते समय domain registration और company incorporation को अलग-अलग घटनाओं के रूप में दर्ज करें।
Googol से Google नाम कैसे बना?
Google नाम की प्रेरणा googol थी, लेकिन उसकी स्वीकृत spelling संख्या के नाम से अलग बनी। Googol का अर्थ है 1 के बाद 100 शून्य वाली संख्या, और Google नाम उस शब्द की गलत spelling से बना। नाम का विचार संख्या से आया, मगर कंपनी का नाम उसी spelling में नहीं लिखा गया।
यह नाम बहुत बड़ी संख्या का संकेत देता है, जो वेब पर जानकारी की विशालता से मेल खाता था। फर्क बस इतना था कि नाम चुनने की प्रक्रिया में googol की spelling बदल गई और बदली हुई spelling को ही स्वीकार किया गया।
Googol का अर्थ और नाम से उसका रिश्ता
Googol एक खास संख्या का नाम है: 1 के बाद लगातार 100 शून्य। इसे Google से अलग लिखना चाहिए, क्योंकि Google कंपनी और search product का नाम है, जबकि googol गणितीय संख्या है। नाम का संबंध उस संख्या से है, लेकिन दोनों शब्द एक-दूसरे के स्थान पर इस्तेमाल नहीं होते।
इसीलिए “Google spelling mistake” का संदर्भ नाम की लिखावट में हुए बदलाव से है, न कि googol के अर्थ में किसी बदलाव से। googol का अर्थ वही बड़ी संख्या रहा; Google उस नाम का अलग रूप बनकर सामने आया।
Sean Anderson की spelling और Larry Page की मंजूरी
Sean Anderson naming process में शामिल Stanford graduate student थे। domain availability खोजते समय उन्होंने “googol” लिखने की जगह गलती से “google” टाइप कर दिया। यह छोटी-सी spelling गलती नाम चुनने का निर्णायक मोड़ बनी, क्योंकि बदली हुई spelling Larry Page को पसंद आई।
Larry Page ने “google” spelling को मंजूरी दी, और वही नाम आगे चलकर कंपनी तथा search product की पहचान बना। यहाँ अहम बात यह है कि spelling गलती Sean Anderson से जुड़ी थी, जबकि उसे स्वीकार करने का फैसला Larry Page ने किया था। सही संदर्भ में नाम की कहानी बताते समय इन दोनों भूमिकाओं को अलग रखें। दोनों शब्दों को लिखते समय googol और Google की अलग-अलग spelling बनाए रखें।
निष्कर्ष
इस कहानी का सबसे उपयोगी takeaway यह है कि “पुराना नाम” का जवाब देते समय संदर्भ भी बताना चाहिए। अगर सवाल शुरुआती research project का है, तो BackRub सही जवाब है; अगर बात बाद की कंपनी और search product की है, तो नाम Google है। संदर्भ छोटा-सा हो सकता है, पर इससे इतिहास का अर्थ बदलने से बचता है।
इसे आगे साझा करते समय एक सरल बात याद रखें: PageRank patent Stanford University को assigned था, जबकि Google एक अलग कंपनी के रूप में बना। अगली बार यह trivia साझा करें, तो पहले पूछें कि सामने वाला शुरुआती project का नाम जानना चाहता है या Google नाम की उत्पत्ति।



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